साइकिल का आविष्कार किसने किया था और कब किया?

आपने साईकिल तो देखी होगी लेकिन कभी इसके बारे में सोचा है की साईकिल का आविष्कार किसने किया था. आज से कुछ साल पहले लोग साइकिल का उपयोग करते थे बदलते समय के साथ जब से बिजली मोटर का आविष्कार हुआ है लोग साइकिल जैसे दुपहिया वाहन को भूल ही गए हैं साइकिल से कही जाने में जहाँ आधा घंटा लगता था वही आज मोटरसाइकिल से जाने में 5 मिनट लगता है तो लोग अपना समय और सुविधा को देखकर साइकिल को छोड़कर मोटर साइकिल का प्रयोग करने लगे हैं लेकिन आज भी कुछ लोग अपने स्वास्थ्य के लिए साइकिल का प्रयोग करते हैं.

साइकिल का आविष्कार किसने किया था और कब किया?

साइकिल का आविष्कार किसने किया?

साइकिल का आविष्कार कार्ल वॉन ड्रैस (Karl von Drais) ने 1817 में किया था. आपने सोचा होगा साइकिल जैसा दुपहिया वाहन कुछ समय में आसानी से बन गया होगा पर ऐसा बिल्कुल नहीं है. साईकिल का जो सवरूप आज हमारे सामने है उसे तैयार होने में 100 सालो से ज्यादा का समय लगा है. कार्ल वॉन ड्रैस ने साइकिल ही नहीं बल्कि और भी चीजों का आविष्कार किया था. जैसे – 1821 में की – कीबोर्ड वाला शुरूआती टाइपराइटर, 1827 में 16 अक्षर वाली स्टेनोग्राफ मशीन, 1812 में कागज पर पियानो संगीत रिकॉर्ड करने के लिए एक उपकरण बनाया था.

साइकिल का आविष्कार कब और कैसे हुआ  ?

दरअसल 1815 में इंडोनेशिया में माउंट तंबोरा ज्वालामुखी के बड़े पैमाने पर फटने से इसके राख के बादल पूरी दुनिया में फ़ैल गए इससे मनुष्य को बहुत बड़ी समस्या का सामना करना पड़ा सभी पालतू जानवर भूख से तड़प कर मर गए जिससे लोगों के काम काज में भारी नुकसान हुआ कयोंकि पहले जानवर के पीठ पर सामान रख कर एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाते थे. इस ज्वालामुखी के घटना से सभी जानवर मर गये. जो सामान मवेशी ढोते थे उस सामान को ढोने ने लिए कार्ल वॉन ड्रैस द्वारा साईकिल का आविष्कार किया गया.

शुरुआत में साईकिल को लकड़ी से बनाया गया था. लकड़ी की साइकिल का वजन मात्र 23 किग्रा. था इसके बाद 12  जून 1817 में कार्ल वॉन ड्रैस ने पहली बार जर्मन के दो शहरों मैनहेम और रिनाउ के बीच में साइकिल चलाकर लोगों के सामने प्रदर्शित किया. 1820 में लोग इसके बारे में बातें करने लगे. 1866 के बाद लोगों ने व्यावसायिक स्तर पर कई सुधारो के साथ साइकिल बनाना शुरू कर दिये फिर यह लोकप्रिय बन गया.

साइकिल कितने प्रकार की होती है  ?

साइकिल मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं

एमटीवी = इसका प्रयोग पहाडों और उबड – खाबड़ रास्तों पर ज्यादातर किया जाता है यह साइकिल के टायर मोटे होते हैं इसमें स्लीपिंग और फ्रंट में डिस्क ब्रेक के साथ आती है जिससे ब्रेक लगाने में कोई दिक्कत न हो अच्छी कंपनी से ये साइकिल 7-8,000 से 50,000 तक आती है

हाइब्रिड = हाइब्रिड यह साइकिल ऑफ – रोड और ऑन – रोड दोनों तरह की सड़कों पर सवारी कर सकती है जब उबड खाबड़ रोड पर चलती है तो इसके रिम्स के मुडने का डर होता है हाइब्रिड साइकिल एमटीवी साइकिल से ज्यादा तेज में चलती है हाइब्रिड साइकिलें काफी महंगी होती है यह 20000 से 100000 तक होती है

सडक या शहर:- इस साइकिल को रोड या सिटी बाइक कहते हैं यह खुदरापन टुटी – फुटी सड़क पर नहीं चल पाती इसके टायर भी पतले होते हैं इसका प्रयोग लोग रेसर्स के लिए करते हैं. यह हल्की होती है इसकी रफ्तार बहुत तेज़ होती है यह अच्छी कंपनी की साइकिल है यह महंगी होती है 30000 , 35000 से शुरू और ढाई लाख तक आती है इतनी महंगी होने के बाद भी इसमें डिस्क ब्रेक और आगे की के नींद नहीं होती है  कयोंकि सिटी बाइक में इसकी जरूरत नहीं होती है यह बाइक डिस्क ब्रेक या हाइड्रोलिक ब्रेक के साथ नहीं आती है

साइकिल से जुड़े महत्वपूर्ण एंव रोचक तथ्य

  1. 1863 में फ्रांसीसी मैकेनिक पियरे लालीमेंट द्वारा पहली पेडल वाली बनाई गई थी पियरे लालीमेंट ने पेरिस में बच्चों और विकलांगों के लिए कैरेज बनाने के लिए काम किया करते थे.
  2. पेरिस के पियरे मिचौकस ने ओलिवियर के साथ मिलकर 1867 में पहली बार पेडल वाली साइकिल का व्यावसायिक स्तर पर निर्माण शुरू किया था वह हर महीने में 200 साइकिल बेचा करते थे.
  3. 1880 में इंग्लैंड के मैनचेस्टर हंस रेनोल्ड (Hans Renold)ने साइकिल के रोलर चेन का आविष्कार किया गया. 

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