What is Full Form Of India?

India जिसे भारत के नाम से जाना जाता हैं, विश्व का सर्वाधिक जनसँख्या वाला दूसरा देश हैं। भारत एकमात्र ऐसा देश हैं जिसके लोकतंत्र की गाथा को सम्पूर्ण विश्व नमन करता हैं। प्रमुख नदी Indus भारत से होकर गुजरती हैं, इसीलिए भी भारत को India के नाम से जाना जाता हैं।

What is Full Form Of India?

आज से लगभग ६००० वर्ष पूर्व द्वापर युग मे हुए सम्राट भरत के नाम पर भारतवर्ष नाम दिया गया। बहुत सी धारणाये ये प्रमाण प्रस्तुत करने का दावा करती हैं कि India की भी full form हैं परंतु ये महज एक मिथ्या धरना हैं। अभी तक India का कोई abbreviation घोषित नही हुआ हैं। हालांकि, कुछ अर्थो को जोड़कर India को full form का हिस्सा बनाया हुआ हैं। आज के इस आर्टिकल के माध्यम से हम दर्शको को भारत के बारे मे कुछ सटीक व महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे।


क्या वास्तव में India की फुलफोर्म होती हैं?

तथ्यों व पुराणिक पुस्तको में ऐसी कोई विज्ञप्ति या उल्लेख नही दिया गया हैं जिससे ये पता चल सके कि India की भी कोई फुलफोर्म हैं। परंतु फिर भी एक दो source ऑफ इन्फॉर्मेशन के माध्यम से हम India शब्द में इस्तमाल हुए इन पाँच शब्दो की व्याख्या करेंगे।

इन पाँच शब्दो का अर्थ इस प्रकार हैं।

I- Independent

N-National

D-Democratic

I-Intelligent

A-Area

हालांकि, इस तरह की full form को कोई वेध दर्जा नही पर्दान किया गया हैं। फिर भी सामान्यतः इंटरनेट पर इस तरह की जानकारी मिल जाती हैं।

प्राचीन समय से ही भारत की अपने आप मे एक अहम भूमिका रही हैं।


भारत को सोने की चिड़िया के नाम से जाना जाता था। परंतु दुर्भाग्यवश अंग्रेज़ो के कठोर साशन के चलते सभी दुर्लभ व कीमती चीज़े भारत देश से अंग्रेज़ो ने लूट कर अपने मुल्क प्रवर्तित कर दी थी।

फिर भी समय की मांग को देखते हुए, भारत का अपना एक अहम वर्चस्व हैं वो चाहे Armed Forces में हो या तकनीकी विज्ञान के क्षेत्र में।

Also Read: BA का फुल्लफॉर्म क्या हैं? BA Full Form?

भारत मे बोली जाने वाली विभिन्न भाषा किस प्रकार हैं?

यूनाइटेड डेटा नेशन के अंतर्गत भारत इस समय चीन के बाद सर्वाधिक जनसंख्या वाला देश हैं जिसकी आज की दिनाक में आबादी-1,395,049,909 हैं। इतने अधिक जनसंख्या को एकत्रित कर भारत मे अनेको भाषा बोली जाती हैं। प्रत्येक राज्य की अपनी निजी भाषा हैं।

सम्पूर्ण भारत मे 121 भाषाएँ बोली जाती हैं पूर्व में भारत को भारत गणराज्य के नाम से भी जाना जाता था। परंतु आजादी के निकट आते आते सम्पूर्ण भारत के लोग India न कहकर भारत बोलना उचित समझने लगे।


भारत को और किन-किन नामो से जाना जाता हैं?

तथ्यों के आधार पर तो भारत को विभन्न नामो में विभाजित किया गया हैं परंतु इतिहास में सम्मलित कुछ महत्वपूर्ण नाम इस प्रकार नीचे दिए गए हैं।

  • आर्यव्रत
  • भारतवर्ष।

मनुस्मृति जिससे मनुष्य की खोज हुई यह प्रमाण देती हैं कि भारत का प्राचीन नाम आर्यव्रत था। इसी कारणवश महाभारत में स्थित राजा धृतराष्ट्र को उनकी पत्नी गांधारी द्वारा आर्यपुत्र कहा जाता हैं। वही दूसरी ओर भारत का सर्वाधिक प्रचलित नाम भारतवर्ष भी था।

राजा शांतनु के पूर्वज चक्रवती सम्राट भरत के नाम पर भारतवर्ष नाम पड़ा।

जिसकी बागडोर बाद में गंगा पुत्र पिता भीष्म के कंधों पर लंबे समय तक टिकी रही। भारत देश मे क्षत्रियो का अहम योगदान रहा हैं। उसी के फलस्वरूप जाति समुदाय को विभिन्न वर्गों में विभाजित किया गया हैं।

Also Read: Bsc का फुलफॉर्म क्या हैं? Bsc Full form?


भारत मे राजनीति की क्या पदत्ति हैं?

भारत के एक प्रजातांत्रिक गणराज्य हैं जिसमे प्रत्येक व्यक्ति को अपने मूल अधिकारों का इस्तेमाल करने की पूर्ण आज़ादी हैं। सम्पूर्ण भारत मे अनेक राजनीतिक दल हैं जो जनता के मत से चुने जाते हैं। भारत की राजधानी दिल्ली में स्थित संसद भवन में सम्पूर्ण भारत मे लागू नियम,कायदे व कानूनों का पारित किया जाता हैं। विपक्ष व पक्ष की आपसी मुद्दों को मद्देनजर रखते हुए जनता के लिए योजनाये बनाई जाती हैं।

इसीलिए भारत के गणतन्त्र को उच्च श्रेणियों में गिना जाता हैं। इसके अलावा भारत के संविधान की भी एक अलग भूमिका हैं जिसका निर्माण गणतन्त्र दिवस 26 जनवरी से पूर्व हुआ। भारत के संविधान का निर्माण डॉक्टर भीमराव अंबेडकर द्वारा किया गया था। इसीलिए उन्हें संविधान का निर्माता कहा जाता हैं।

वर्ष 1947 में आजाद हुए भारत की आजादी में अनेक वीर पुरषो की भूमिका रही हैं जिन्होंने आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति हस्ते हस्ते दी।

अतः आजादी के समय से लेकर आज के इस नवीन युग तक भारत ने अपने स्तर पर बहुत ही तेज़ी से विकास किया हैं। तकनीकी विकास से लेकर, मेडिकल क्षेत्र, अध्यन क्षेत्र व खेल में हर स्थान पर भारत ने अपना परचम लहराया हैं। ओलंपिक्स से लेकर क्रिकेट विश्वकप तक भारत ने अपने राष्ट्र को सबसे ऊपर दर्शाया हैं। जब कभी भी भारत की गाथा व उपलब्धियो को विस्तार रूप से गिनाना का अवसर आता हैं तो हर भारतवाशी उसका वर्णन करने के लिए इच्छुक रहता हैं जैसे भारत के सिनेमा जगत के मशहूर कलाकार मनोज कुमार ने इंग्लैंड में जाकर किया था।