ITI क्या हैं ITI Full Form?

शिक्षा एक ऐसी प्रणाली हैं जिससे न केवल व्यक्तिगत बल्कि एक बेहतर भविष्य का निर्माण होता। एक समय था, जब आम लोग शिक्षा ग्रहण करने के लिए लंबे समय तक गुरुकुल में रहा करते थे। परंतु आज के इस नवीन युग मे हमारे पास अनेको शिक्षा के विकल्प हैं। जिनकी मदद से हम खुद को बेहतर बना सकते हैं ऐसे ही एक महत्वपूर्ण तकनीकी शिक्षा की शाखा ITI के बारे में आज हम बताएंगे।

ITI क्या हैं ITI Full Form?



ITI की फुलफोर्म क्या हैं

ITI एक टेक्निकल डिप्लोमा कोर्स हैं जिसका पूरा नाम Industrial Training Institute हैं। युवा वर्ग को तकनीकी के क्षेत्र में आगे बढ़ने व बुनियादी ज्ञान प्रदान करने के लिए ये सबसे बेहतर व कारगर क्षेत्र हैं।

ITI को दूसरी भाषा या हिंदी भाषा मे "औद्योगिक प्रेशिक्षण संस्थान" के नाम से भी जाना जाता हैं।

सामान्यतः बहुत से लोगो को अभी भी ITI व IIT में समानता नज़र आती हैं परंतु ये दोनों एक दूसरे के बिल्कुल विपरीत हैं।


ITI क्या हैं इसके प्रमुख बिंदु क्या हैं?

 ITI -औद्योगिक प्रेशिक्षण संस्थान भारत सरकार द्वारा निर्धारित एक तकनीकी शिक्षा की पहल हैं जिसके अंतर्गत श्रम व रोजगार को मुहिया कराने के लिए इस संस्थान की स्थापना की गई हैं।

जो विद्यार्थी तकनीकी क्षेत्र में कैरियर बनाना चाहते हैं या जो इस कोर में इच्छुक हैं वो ITI की मदद से विभन्न क्षेत्रो में जा सकते हैं।

इसके अंतर्गत बहुत सी trade हैं अथार्त कोई भी विद्यार्थी अपने अनुसार ट्रेड चुन सकता हैं।

प्रत्येक ट्रेड की अपनी एक अवधि हैं किसी से एक वर्ष तो कोई 2 वर्ष की।

ITI करने के बाद इस तकनीकी कोर्स की मदद से डिप्लोमा द्वितिय वर्ष में भी प्रवेश लिया जा सकता हैं। जो लेटरल एंट्री के अंतर्गत होता हैं।

हाई स्कूल व इंटरमीडिएट के बाद कोई भी विद्यार्थी अपनी रुचि के अनुरूप ITI में ट्रेड चुन अपनी किसी भी एक स्कील को बेहतर बना सकता हैं।

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ITI के निम्न पाठ्यक्रम क्या हैं?

भारत सरकार के प्रेशिक्षण डायरेक्टर समिति के अंतर्गत ITI पाठ्क्रम को निम्न दो भागों में विभाजित किया गया हैं। जो इस प्रकार हैं।

Engineering Trade

Non-Engineering Trade

Engineering ट्रेड के अंतर्गत विज्ञान व गणित के सभी विषयों का सम्पूर्ण ज्ञान सीखने को मिलता हैं जिसके फलस्वरूप विद्यार्थी की तकनीकी शिक्षा को एक नई दिशा प्रदान की जाती हैं।

तकनीकी संस्थान के अंतर्गत ITI को विज्ञान की नींव बताया गया हैं। बहुत से विद्यार्थी जो विज्ञान व तकनीकी क्षेत्र की चरम सीमा तक का सफर तय करना चाहते हैं, वो अपनी यात्रा इसी स्तर से शरू करते हैं। आगे जाकर वो पॉलिटेक्निक व B Tech करते हैं।

इसीप्रकार Non-Engineering ट्रेड में भी बहुत विकल्प हैं जो सामान्य विषयो की जानकारी प्रदान करते हैं।

इसीलिए ITI का कक्षा अनुसार खंडन किया गया हैं।

ITI में ट्रेड की सूचियां किस प्रकार हैं?

ITI में ट्रेड को चुनने के लिए इसकी सभी शाखाओ को विशेष प्रकार से विभाजित किया गया। जो विद्यार्थी हाई स्कूल के बाद प्रवेश चाहते हैं उनके लिए अलग विकल्प हैं अथवा जो कक्षा 8वी के बाद प्रवेश चाहते हैं उनके लिए अलग ट्रेड हैं।

10वी के विद्यार्थियों के लिए ट्रेड चुनने के विकल्प:

  • इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी - (IT)
  • रेफ्रिजरेशन इंजीनियरिंग -(RE)
  • फिटर इंजीनियरिंग       -(FE)
  • पंप ऑपरेटर।             -(PO)

ये निम्न ट्रेड Engineering कोर के लिए हैं।

अन्य Non-Engineering कोर के लिए ट्रेड इस प्रकार हैं।

  • FootWear Engineering
  • Dress Making
  • Leather Making
  • Fabric Engineering.

सरकारी संस्थानों में ITI की क्या विशेषता हैं ?

ITI की अपनी एक अहम भूमिका हैं जिसके फकस्वरूप विद्यार्थी न केवल अपनी निजी स्कील को बेहतर बना सकते हैं बल्कि सरकारी संस्थानों के बड़े पदों पर भी नियुक्त हो सकते हैं।

भारतीय रेलवे की तरफ से प्रत्येक वर्ष अलग नियुक्ति की जाती हैं इसमे ITI passout विद्यार्थी आवेदन कर exam के लिए तैयारी कर सकते हैं।

इसके अलावा विद्युत विभाग में J०E के पद पर नियुक्त होने के किये ITI की अहम भूमिका हैं यही कारण हैं कि इंटरमीडिएट के बाद अनेको विद्यार्थी ITI करना पसंद करते हैं।


ITI में प्रवेश लेने की मुख्य प्रकिर्या क्या हैं?

ITI में एडमिशन के लिए बहुत ही सरल बातो को ध्यान में रखते हुए कोई भी विद्यार्थी प्रवेश ले सकता हैं कुछ महत्वपूर्ण बिंदु इस प्रकार हैं

  1. विद्यार्थी का हाई स्कूल व इंटरमीडिएट में पास होना अनिवार्य हैं।
  2. विद्यार्थी की आयु 14 वर्ष से ज्यादा होनी अनिवार्य हैं।
  3. विद्यार्थी अपनी निजी रुचि के अनुसार ट्रेड चुन सकता हैं।

इसके अलावा अन्य निर्देश ITI की official website पर दिए हुए हैं जिनकी सहायता से कोई भी विद्यार्थी documentation व छात्रवर्ती के विषय मे सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

ITI में एडमिशन के लिए फीस प्रणाली किस प्रकार हैं?

ITI फीस सामान्य रूप से विद्यार्थी के अंकों पर व कॉलेज पर निर्भर करती हैं।

कुछ विद्यार्थी सरकारी कॉलेज से ITI करते हैं जहाँ पर फीस ज्यादा नही होती। अतः ऐसे विद्यार्थी छात्रवर्ती से भी लाभान्वित होते हैं।

परंतु जो निजी कॉलेजों से करते हैं उनकी फीस 14000 से 24000 के मध्य होती हैं

अथार्त शिक्षा के क्षेत्र में ITI की एक अहम भूमिका हैं जो विद्यार्थी को एक नवीन पहल प्रदान करती हैं।