Bsc का फुलफॉर्म क्या हैं? Bsc Full form?

शिक्षा का सटीक चुनाव किसी भी विद्यार्थी के लिए एक ऐसा पहेलु हैं जिसके फलस्वरूप विद्यार्थी अपने भविष्य को सफल बनाने की ओर अग्रसर होता हैं। इंटरमीडिएट पास करने के पश्चात विद्यार्थी के समक्ष एक विशेष कोर्स को चुनने के लिए बहुत विकल्प होते हैं।

Bsc का फुलफॉर्म क्या हैं? Bsc Full form?


परंतु कोनसा विकल्प उचित होगा यह निर्धारित करना सरल नही होता।


आज के इस आर्टिकल में हम आपको एक ऐसी स्नातक डिग्री के बारे में जानकारी देंगे, जिसकी अपनी एक अहम भूमिका हैं। 12वी के बाद एक जहाँ विद्यार्थी मेडिकल कोर व B-Tech को चुनते हैं वही दूसरी ओर विज्ञान व गणित में रुचि रखने वाले विद्यार्थी Bsc की ओर बढ़ते हैं। इस तीन वर्षीय स्नातक डिग्री की विज्ञान के क्षेत्र में अपनी एक अलग भूमिका हैं।

Bsc का फुलफॉर्म क्या हैं?

Bsc का पूरा नाम Bachelor of Science हैं। यह एक तीन वर्षीय अकैडमिक डिग्री हैं जिसके अंतर्गत विद्यार्थी को लगातार तीन वर्षों तक गणित,भौतिक व रसायनिक विषयो का विस्तार रूप से अध्यन प्राप्त होता हैं।

हालांकि, Bsc को विभन्न वर्गो में विभाजित किया गया हैं, विद्यार्थी अपनी निजी रुचि के अनुसार कोई भी कोर चयनित कर सकते हैं।

आज के इस नवीन युग मे हमारे समक्ष अनेको माध्यम व विकल्प हैं जिनकी मदद से हम अपने भविष्य को शिक्षा की राह की ओर उजागर कर सकते हैं। एक जहाँ विद्यार्थी Ssc व मेडिकल विज्ञान के लिए उत्तेजित हैं वही दूसरी ओर Bsc का अपने आप मे एक अहम योगदान हैं।

रिसर्च व एडवांस स्टडीज के उद्देश्य के किये Bsc सबसे बेहतर विकल्प हैं।

बहुत से विद्यार्थी जो शिक्षक बनने की राह पर हैं Bsc उनके लिए एक कारगर विकल्प हैं।


रोजगार की दृष्टि से Bsc की क्या भूमिका हैं?

जैसा की हम ऊपर बता चुके हैं। कि Bsc एक अंडर ग्रेजुएट तीन वर्षीय डिग्री हैं। तथा इसके सम्पन्न होने के बाद रोजगार की दृष्टि से काफी विकल्प हैं।

Bsc करने के बाद हमारे पास मास्टर्स करने का एक सुलभ रास्ता तैयार हो जाता हैं जो विद्यार्थी विज्ञान के क्षेत्र में महारत हासिल करने चाहते हैं तथा जिनका उद्देश्य Ph D करने का होता हैं। उनके लिए Bsc प्रथम सीडी हैं।

शिक्षण संस्थान की दृष्टि से भी Bsc एक नया विकल्प खोजती हैं अथार्थ जिस विद्यार्थी की गणित, भैतिक व रासायनिक किसी भी एक विषय मे उत्तम पकड़ हैं। वो शिक्षक के माध्यम से अपना कैरियर बना सकता हैं और उसके लिए उसे कम से कम अच्छे अंको के साथ Bsc पास करना अनिवार्य हैं।

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Bsc करने के लिए कोनसे कॉलेजो का चुनाव करे?

एक समय था जब विद्यार्थियों के पास चुनिंदा माध्यम थे, परंतु आज शिक्षा की स्तिथि पूर्ण रूप से बदल चुकी हैं।

सरकार द्वारा निर्धारित हमारे पास अनेको विकल्प हैं जिनकी मदद से हम Bsc बेहतर तरिके से कर सकते हैं।

जो विद्यार्थी शरूआत से ही विज्ञान विषयो में अव्वल रहे हैं उनके लिए Bsc सबसे कारगर रास्ता हैं अतार्थ व लिखित एग्जाम की सहायता से IIT जैसे विशाल संस्थानों से भी Bsc अंडर ग्रेजुएट डिग्री कर सकते हैं।

इसके अलावा हमारे आस पास हज़ारो प्राइवेट कॉलेज उपलब्ध हैं जो हर विषय मे Bsc करा रहे।

अथवा ये विद्यार्थी पर निर्भर करता हैं कि व किस माध्यम से Bsc करना चाहता हैं।

सरकारी संस्थान से पास की हुई स्नातक डिग्री की अपनी एक अहम भूमिका हैं इसके अलावा इसमें विद्यार्थी को छात्रवर्ती का लाभ भी लगातार मिलता हैं। दूसरी तरफ अन्य प्राइवेट कॉलेज से Bsc करने में अन्य किसी लाभ की कोई विशेष सीमा निर्धारित नही हैं।

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Bsc में एडमिशन हेतु प्रमुख बिंदु

Bsc में प्रवेश पाने के लिए विद्यार्थी का 12वी में पास होना तो अनिवार्य हैं ही, इसके अलावा बेहतर अंको के साथ सफल होना एक प्राथमिक पहेलु हैं।

जो विद्यार्थी अच्छे अंको से 12वी कम्पलीट करते हैं उनके लिए Bsc में एडमिशन की राह सरल हो जाती हैं।

Bsc में एडमिशन के लिए मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं।

  • विद्यार्थी के कम से कम Ist Division से ऊपर अंक होना अनिवार्य हैं।
  • हाई स्कूल निर्धारित वेध बोर्ड से लागू हो।
  • भौतिक विज्ञान, गणित व रासायनिक विज्ञान में 65% न्यूतम अंक अनिवार्य हैं।
  • विद्यार्थी द्वारा चयनित कोर की मेरिट में चयन होना अनिवार्य हैं

ये कुछ प्रमुख बिंदु हैं जो एडमिशन के लिए महत्वपूर्ण हैं। बाकी की अन्य जानकारी कॉलेज व यूनिवर्सिटी की ऑफिसियल वेबसाइट पर उप्लब्ध रहती हैं।

Bsc के निम्न पाठ्यक्रम फीस प्रणाली

विद्यार्थी की रुचि के अनुरूप Bsc अंडर ग्रेजुएट डिग्री में निम्न पाठ्यक्रम शैली निर्धारित की गई हैं। इनमे से कुछ ज्यादातर चुने गए विषय इस प्रकार हैं।


  1. कंप्यूटर विज्ञान
  2. कृषि
  3. कीटाणु विज्ञान
  4. फैशन टेक्नोलॉजी
  5. मनोविज्ञान

इसके अलावा अन्य विषयों में Bsc की जा सकती हैं पर ये निर्भर करता हैं विद्यार्थी की रुचि पर।

अगर बात करे Bsc की फीस की तो सरकारी संस्थान के अंतर्गत चल रही Bsc की फीस इतनी अधिक नही होती, जितने एक प्राइवेट कॉलेज में होती हैं।

अतार्थ सरकारी संस्थान से विद्यार्थी को छात्रवर्ती द्वारा एक निर्धारित राशि भी मिल जाती हैं।

अतः Bsc स्नातक डिग्री की तकनीकी शिक्षा पद्द्ति में अपनी एक अहम भूमिका हैं और हज़ारो विद्यार्थियों द्वारा इसे भविष्य में कैरियर के रूप में चुना गया हैं।